अनुमति जरूरी है

मेरी अनुमति के बिना मेरे ब्लोग से कोई भी पोस्ट कहीं ना लगाई जाये और ना ही मेरे नाम और चित्र का प्रयोग किया जाये

my free copyright

MyFreeCopyright.com Registered & Protected

रविवार, 15 जुलाई 2012

सीखा दो मुझे भी..........

तू मुझे भूल ना जाये
इसलिए याद करती हूँ
देख तेरे लिए ही
जीती और मरती हूँ
और इक तू है
पास होकर भी
पास नही होता
तेरा दिल मेरे
साथ नहीं होता
तेरे दिल की खिड़की में
अब कोई दरवाज़ा मेरे लिए
खुला नहीं होता
तू जो मुझे अपनी
जान कहता था
आज तेरे लिए
बेजान हूँ मैं
तेरी मोहब्बत की
जंजीरों में जकड़ी
मेरी मोहब्बत का
देख
दम घुटा जाता है
ए सुनो
क्या ऐसे भूला जाता है ?
सीखा दो मुझे भी..........

31 टिप्‍पणियां:

रश्मि प्रभा... ने कहा…

सीखा थोड़े न जाता है , यह तो स्वभाव होता है

Reena Maurya ने कहा…

प्रेम की पीड़ा कस्टदायक होती है
कोई यूँ भुला दे तो बड़ी तकलीफ होती है..
भावमयी करती रचना....
भुला दिया उसने तो कोई गम नहीं..
उसको भी तुम भुला दो तुम भी कम नहीं
मीठी यादों को भुला दिया है जो दिलसे उसने..
तो बहा दो ना तुम भी उसकोअपनी आँखों से..
बेवफा है वो , वो क्या सिखएगा तुम्हे
तुम ही बता दो ना उसे
की तुम्हे भी कोई गम नहीं...

Reena Maurya ने कहा…

प्रेम की पीड़ा कस्टदायक होती है
कोई यूँ भुला दे तो बड़ी तकलीफ होती है..
भावमयी करती रचना....

संध्या शर्मा ने कहा…

क्या ऐसे भूला जाता है ?
सीखा दो मुझे भी..........
मर्मस्पर्शी रचना...

डॉ टी एस दराल ने कहा…

दिल की बातें , दिल ही जाने .

Swarajya karun ने कहा…

अच्छी कविता . मानवीय संवेदनाओं से परिपूर्ण दिल को छू लेने वाली अभिव्यक्ति .

dheerendra ने कहा…

भूल न पाए इसलिए, करते हम है याद
भूला कैसे जाता सिखा,नही करे फ़रियाद,,,,,,


RECENT POST...: राजनीति,तेरे रूप अनेक,...

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

प्रेम की टीस कैसी होती है, इसकी सटीक अभिव्यक्ति, शुभकामनाएं.

रामराम.

शिवनाथ कुमार ने कहा…

न्यूटन का तीसरा नियम तो सबको पता ही है - "प्रत्येक क्रिया के विपरीत बराबर प्रतिक्रिया होती है", हालांकि ये विज्ञान की बात है लेकिन हमारे आम जिंदगी में भी काफी जगहों पर लागू होती है ....
मेरे कहने का आशय तो समझ ही गयी होंगी आप ...
बहुत ही सुंदर और भावपूर्ण रचना !!

दिगम्बर नासवा ने कहा…

भुला पाना कलीसि कों क्या इतना आसान है .. हर किसी के बार में होता तो जीवन आसान न हो जाता ...

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

यदि घटनाओं को भूलना ही आ जाये तो पीड़ा कम हो जायेगी।

Ramakant Singh ने कहा…

न बीती बातें न बीते लम्हे भुलाये जाते हैं , न भुलाना चाहिए क्योकि इन्हीं यादों के सहारे जिंदगी कट जाती है

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

अभी तो हम ही सीख रहे हैं।
आप सीख जाओ तो हमें भी बता देना...!

mridula pradhan ने कहा…

marmik.....

sushma 'आहुति' ने कहा…

बहुत ही सहज शब्दों में कितनी गहरी बात कह दी आपने..... खुबसूरत अभिवयक्ति....

Reena Pant ने कहा…

bahut sunder kavita

ana ने कहा…

bahut sundar

राजेश सिंह ने कहा…

हैरत है
. मैंने सोचा अंतिम पंक्ति होगी -जिन्हें भुलाया ही नहीं उन्हें याद कैसे करे कोई

kshama ने कहा…

Kaash! Ham bhee bhool jana seekh jaye.....zindagee kuchh to aasaan ho jaye....

राजेंद्र अवस्थी. ने कहा…

प्रेम में भी नशा होता है और जब कोई भूलने के लिये नशे में होता है तो यादे और बेचैन करती हैं.....सही कहा सिखा दो मुझे भी...
प्रेम समान बनने का अवसर देता है बदले की भावना कभी नही।
बहुत ही सरस सम्वेदनशील रचना।

राजेंद्र अवस्थी. ने कहा…

प्रेम में भी नशा होता है और जब कोई भूलने के लिये नशे में होता है तो यादे और बेचैन करती हैं.....सही कहा सिखा दो मुझे भी...
प्रेम समान बनने का अवसर देता है बदले की भावना कभी नही।
बहुत ही सरस सम्वेदनशील रचना।

राजेंद्र अवस्थी. ने कहा…

प्रेम में भी नशा होता है और जब कोई भूलने के लिये नशे में होता है तो यादे और बेचैन करती हैं.....सही कहा सिखा दो मुझे भी...
प्रेम समान बनने का अवसर देता है बदले की भावना कभी नही।
बहुत ही सरस सम्वेदनशील रचना।

Maheshwari kaneri ने कहा…

प्यार का ्दर्दिला अहसास..

RITU ने कहा…

वाह ! बहुत सुन्दर !

"दीप फर्रूखाबादी" ने कहा…

bahut he shandaar abhivyakti..wish u all the very best

"दीप फर्रूखाबादी" ने कहा…

shandar rachna...best wishes

expression ने कहा…

भूलना सीख के भी भूल न पाएंगी ......
चाहे तो कोशिश कर लीजिए..


अनु

सदा ने कहा…

भावमय करते शब्‍द ...

pran sharma ने कहा…

VANADANA JI , BHAVABHIVYAKTI BAHUT
ACHCHHEE LAGEE HAI . MERE IN SHERON
PAR GAUR FARMAAEEYEGA -

HUM KAHAAN UNKO YAAD AATE HAIN
BHOOLNE WAALE BHOOL JAATE HAIN

----------

KOEE AESE BHEE BHOOL JAATAA HAI
JAESE TUMNE BHULAA DIYAA MUJHKO

pran sharma ने कहा…

VANADANA JI , BHAVABHIVYAKTI BAHUT
ACHCHHEE LAGEE HAI . MERE IN SHERON
PAR GAUR FARMAAEEYEGA -

HUM KAHAAN UNKO YAAD AATE HAIN
BHOOLNE WAALE BHOOL JAATE HAIN

----------

KOEE AESE BHEE BHOOL JAATAA HAI
JAESE TUMNE BHULAA DIYAA MUJHKO

राजेंद्र अवस्थी. ने कहा…

वंदना जी, मुझे क्षमा कीजियेगा...किन्तु मै समझ नही पा रहा कि, एक बार की हुई टिप्पणी तीन बार कैसे पोस्ट हो गई? यदि आप हटा सकें तो निसंकोच मेरी व्यर्थ की अधिक छपी हुई दो टिप्पणियों हटा दे........सादर।